Giving Birth in a Prison Cell by Malak Mattar

फ़लस्तीन: ध्वंस, निर्वासन, और उदासी के बीच जैतून-सी उपजी प्रतिरोध और उम्मीद की कला

समूची दुनिया आज युद्ध के कगार पर खड़ी है, लेकिन फ़लस्‍तीन की जनता तो बीते आठ दशक से एक ऐसे मुसलसल युद्ध में मुब्तिला है जिसका कोई जवाब किसी के पास नहीं है। इतने लंबे और व्‍यापक ध्‍वंस के बाद समाज सामान्‍यत: टूट जाते हैं, लेकिन फलस्‍तीन की संस्‍कृति जैतून की जड़ों की तरह पुख्‍ता है। उसे फिर से उग आने का इंतजार भर है। यहां के मशहूर कलाकारों और चित्रकारों की कृतियों में अभिव्‍यक्‍त उदासी और उम्‍मीद की एक झलक दिखा रहे हैं पंकज निगम