Salute to America event in Washington, D.C., 5 July, 2026

ढाई सदी की अमेरिकी आजादी हम सबके लिए एक अफसोस और खतरा क्यों है

आज से पचास साल पहले अमेरिकी आजादी की दो सदी पूरी होने का वक्‍त ऐसा था जब अमेरिकी समाज में आलोचना के आंतरिक स्‍वर विरोधाभासों को संतुलित करते दिखते थे। उस वक्‍त किताबों, फिल्‍मों और लोकप्रिय संस्‍कृति के उत्‍पादों में लोगों की आत्‍मा का शुद्धिकरण करने की फिर भी एक ताकत शेष थी। आज उसकी कल्‍पना ही संभव नहीं है। आखिर अमेरिकी समाज अपने ढाई सौवें साल में यहां तक कैसे पहुंचा? इसके हमारे लिए क्‍या निहितार्थ हैं? प्रोजेक्‍ट सिंडिकेट के सौजन्‍य से यानिस वारूफाकिस की टिप्‍पणी

MAGA rally US, Courtesy Project Syndicate

किताबी फासीवाद : अपने वैचारिक वारिसों के लिए बीसवीं सदी के फासिस्टों की नुस्खा-पर्ची कैसी होगी?

जो नाज़ीवादी और फासीवादी ताकतें बीसवीं सदी में चले लोकतांत्रिक संघर्षों में खत्‍म हो गई मानी जा रही थीं, उनका इक्‍कीसवीं सदी में नई शक्‍ल में उभार यह सोचने को विवश करता है कि उनकी योजना क्‍या है और आने वाली दुनिया की सूरत कैसी होगी। प्रोजेक्‍ट सिंडिकेट के सौजन्‍य से प्रसिद्ध अर्थशास्‍त्री यानिस वारूफाकिस की एक कल्‍पना, जिसमें वे गिनवा रहे हैं कि आज के फासिस्‍टों के पूर्वज अगर किसी तिजोरी में कोई नुस्‍खा-पर्ची छोड़ गए रहे हों तो उस पर क्‍या-क्‍या लिखा होगा।