मैं, पात्रीसियो गुज़्मान… संघर्षरत जनता के महान फिल्मकार की कहानी उन्हीं की जुबानी
byदुनिया भर में आम लोगों की जिंदगी को दर्ज करने वालों का अगर कोई पितामह कहा जा सकता है, तो वे फिल्मकार पात्रीसियो गुज़्मान हैं। नवउदारवाद की पहली प्रायोगिक धरती चिली में पैदा हुए गुज़्मान ने तानाशाह फ्रांको के स्पेन में सिनेमा सीखा और आयेंदे की क्रांति के वक्त लौटकर अपने देश आए। इसके बाद का उनका पूरा जीवन सैन्य तख्तापलट, जनरल पीनोशे के अत्याचारों और आम लोगों के संघर्षों को रिकॉर्ड करते हुए बीता। इसकी उन्हें कीमत भी चुकानी पड़ी। गुज़्मान बीते 15 सितंबर को गुजर गए। वे क्या थे, कौन थे, उनकी प्रेरणाएं क्या थीं, सब कुछ खुद उन्हीं की जुबानी