Delhi

Detained journalists showing Press ID to police in Delhi

दो दिन की पत्रकारिता: जब घेराव, हमले और हिरासत का शिकार बने 37 से ज्यादा मीडियाकर्मी

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बीते दशकों के दौरान 10-11 अक्‍टूबर के दो दिन देश की पत्रकारिता में हमेशा याद रखे जाने के लिए दर्ज हो गए जब सुप्रीम कोर्ट को सरकार के दिए आश्‍वासन के बावजूद राजधानी की सड़कों पर महज अपना काम कर रहे पत्रकारों को बेरहमी से मारा गया, घसीटा गया और उठा कर हिरासत में भेज दिया गया। कोविड के बाद लगे लॉकडाउन और उससे पहले नागरिकता विरोधी आंदोलन की कवरेज में भी ऐसे दृश्‍य देखने को मिले थे, लेकिन इस बार मामला इसलिए गंभीर है क्‍योंकि पत्रकारों पर हमले में दिल्‍ली पुलिस और प्रशासन के साथ राज्‍येतर तत्त्वों की भी भागीदारी थी। कमेटी टु प्रोटेक्‍ट जर्नलिस्‍ट्स ने एक अंतरिम सूची बनाई है, हालांकि हमलों और हिरासतों की वास्‍तविक संख्‍या इससे कहीं ज्‍यादा है। सीपीजे की सोमी दास की रिपोर्ट

Aravalli Sanrakshan Yatra

अरावली को बचाना क्यों जरूरी है? अवैध खनन के खिलाफ तीन दशक के संघर्ष से निकले अनुभव

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अरावली की पर्वत श्रृंखला में विकास पर बीते नवंबर में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने देश भर में पर्यावरण की चिंता करने वालों को सड़कों पर उतार दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अपने ही फैसले पर रोक लगा दी, सार्वजनिक चर्चा भी ठंडी पड़ गई, लेकिन अरावली का सवाल लगातार जिंदा है। लोग अरावली संरक्षण पदयात्रा पर निकले हुए हैं। बीते तीन दशक से अरावली में अवैध खनन, वातावरण और पानी पर लगातार संघर्ष चल रहे हैं, विडम्‍बना है कि लोगों का ध्‍यान अभी गया। पिछले वर्षों के संघर्षों, दमन और सबक को याद कर रहे हैं राजस्‍थान के सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश मीणा

जाएं तो जाएं कहां?

दिल्ली दर-ब-दर: G20 के नाम पर हुई तबाही के शिकार लोग इन सर्दियों में कैसे जिंदा हैं?

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पहली सर्दी के जख्‍म भरे भी नहीं थे कि दूसरी सर्दियां शबाब पर हैं। जिनसे बसाये जाने का वादा किया गया था, उनके सौ साल पुराने रिहाइश के कागज भी अदालतों में काम नहीं आए। दिल्‍ली के बाहरी इलाकों से सुंदरीकरण के नाम पर उजाड़े गए लाखों लोग पटरी, फुटपाथ और यमुना के खादर में तिरपाल लगाकर सो रहे हैं और चोरों के हाथों लुट रहे हैं, शीतलहर में जान गंवा रहे हैं। पिछले जाड़े में जी-20 की तैयारियों के नाम पर शुरू हुए बेदखली के तांडव के शिकार लोगों का हाल बता रही हैं सौम्‍या राज