Election Commission of India

Cow chewing TMC flag, a roadside view in Kolkata

बंगाल: भारत का इकलौता चुनाव, जिसमें जीत-हार के आगे-पीछे कायम है भय की दोहरी सियासत

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पश्चिम बंगाल का बहुचर्चित चुनाव 4 मई को आए परिणामों के साथ तकनीकी रूप से समाप्‍त हो गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह परिणाम लंबी चलने वाली एक फिल्‍म का केवल ट्रेलर था। चुनाव नतीजे के दो दिनों के भीतर जो भयावह और हिंसक घटनाक्रम देखने में आया है, वह बंगाल की धरती पर कायम सियासी ध्रुवीकरण का स्‍वाभाविक विस्‍तार लगता है। इस चुनावी फिल्‍म का मुख्‍य प्‍लॉट था डर, जिसे हारने और जीतने वाले दोनों दलों ने बराबर पैदा किया, पाला-पोसा और लगातार आगे बढ़ाया। पिछले एक साल से पश्चिम बंगाल घूम रहे अमन गुप्‍ता की यह कहानी समझाती है कि आजाद भारत में यह चुनाव ऐतिहासिक क्‍यों था

लोकसभा चुनाव की निगरानी: परदा उठने से पहले एक अरब मतदाताओं के लिए बस एक सवाल

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आगामी लोकसभा चुनावों की निगरानी के लिए एक स्‍वतंत्र पैनल (आइपीएमआइई) बना है। इसकी परिकल्‍पना पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एमजी देवसहायम ने की है। इस पैनल में लोकतंत्र, राजनीति विज्ञान, चुनाव प्रबंधन और चुनावी निगरानी तक विभिन्‍न क्षेत्रों के अंतरराष्‍ट्रीय ख्‍याति-प्राप्‍त शख्सियतें शामिल हैं। पैनल का उद्देश्‍य चुनावों पर निगाह रखना, रिपोर्ट प्रकाशित करना और चिंताएं जाहिर करना है ताकि आम चुनाव 2024 निष्‍पक्ष, स्‍वतंत्र, पारदर्शी तथा लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुकूल रहे जिससे भारत के नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा की जा सके। स्‍वतंत्र पैनल की पृष्‍ठभूमि खुद एमजी देवसहायम की कलम से