West bengal Assembly Elections 2026

Cow chewing TMC flag, a roadside view in Kolkata

बंगाल: भारत का इकलौता चुनाव, जिसमें जीत-हार के आगे-पीछे कायम है भय की दोहरी सियासत

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पश्चिम बंगाल का बहुचर्चित चुनाव 4 मई को आए परिणामों के साथ तकनीकी रूप से समाप्‍त हो गया है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह परिणाम लंबी चलने वाली एक फिल्‍म का केवल ट्रेलर था। चुनाव नतीजे के दो दिनों के भीतर जो भयावह और हिंसक घटनाक्रम देखने में आया है, वह बंगाल की धरती पर कायम सियासी ध्रुवीकरण का स्‍वाभाविक विस्‍तार लगता है। इस चुनावी फिल्‍म का मुख्‍य प्‍लॉट था डर, जिसे हारने और जीतने वाले दोनों दलों ने बराबर पैदा किया, पाला-पोसा और लगातार आगे बढ़ाया। पिछले एक साल से पश्चिम बंगाल घूम रहे अमन गुप्‍ता की यह कहानी समझाती है कि आजाद भारत में यह चुनाव ऐतिहासिक क्‍यों था

Sculpture of a Fisherman, Princep Ghat, Kolkata

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव : मत्स्य, मद, मत्सर, मोह का तंत्र लोक

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किसी भी जगह की संस्‍कृति का सवाल बहुत जटिल होता है। उसमें हाथ डालने से पहले उसका मर्म समझना बहुत अहम है। इस संदर्भ में पश्चिम बंगाल और भाजपा का रिश्‍ता इसलिए दिलचस्‍प हो जाता है क्‍योंकि यह दक्षिणपंथी राजनीतिक दल अपनी सत्ता के मद में तंत्र-साधना का वामाचारी बन गया है। भारत के इतिहास और बंगभंग पर अंग्रेजों के पलटान से सबक लिए बगैर वह मछली पकड़ने के चक्‍कर में खूब मछली खाये जा रहा है। बनारस से वरिष्‍ठ पत्रकार अजय राय की टिप्‍पणी