Infrastructure Development

Time Cover, Dec 29, 2025

TIME का वार्षिकांक कवर: गरमाती धरती और AI की ख़ब्‍त के बीच हवा में फिर भोज

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प्रसिद्ध समाचार पत्रिका टाइम ने महामंदी के दौर की 1932 की एक तस्‍वीर को चेहरे बदलकर 2025 का अपना अंतिम कवर बनाया है। बेचेहरा मजदूरों की जगह उसने दुनिया में AI के सरताज कारोबारियों को चिपका कर सामूहिक रूप से ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ घोषित किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भयंकर तेजी, लगातार गरमाती और मनुष्‍ता के लिए खतरा पैदा करती धरती, तथा संस्‍थागत व नैतिक मानदंडों के साथ बेमेल होते प्रौद्योगिकीय ढांचे पर साल के अंत में अंतरा हालदर की जरूरी टिप्‍पणी, प्रोजेक्‍ट सिंडिकेट के सौजन्‍य से

Flood scene from Malana, Himachal Pradesh

हिमाचल: फिर से बाढ़, फिर वही तबाही! सरकारों ने हिमालय के संकट पर कोई सबक नहीं लिया?

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हिमाचल प्रदेश में पिछले साल आई तबाही के जख्‍म अभी सूखे नहीं थे कि जुलाई के अंत में एक बार फिर बारिश उन्‍हीं इलाकों में सब कुछ बहा ले गई जो आपदा के मारे थे। कुछ जगहें तो बीते वर्षों में लगातार तीसरी बार साफ हो गई। जलवायु परिवर्तन के गहराते असर और राज्‍य की विकास नीतियों के अंधेपन के कारण बार-बार हिमालय का जीवन संकट में पड़ रहा है। हिमालय नीति अभियान ने पिछले साल से लेकर अब तक लगातार सरकारों को विकास-संबंधी सिफारिशें की हैं लेकिन राज्‍य की नीति में कोई बदलाव नहीं आ रहा। अभियान की फैक्‍ट-फाइंडिंग की रोशनी में इस बार की तबाही का एक फॉलो-अप

खंड-खंड उत्तराखंड: ‘विकास’ की राजनीति बनाम विज्ञान के सवाल पर कब बात होगी?

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इस साल की शुरुआत में उत्‍तराखंड के जोशीमठ में जिस बड़े पैमाने पर अचानक भूधंसान देखा गया और मकानों में दरारें आईं, उससे किसी ने कुछ नहीं सीखा। पानी बरसा तो ऑल वेदर सड़कें धंसीं, पहाड़ दरके, बाढ़ आई, लोगों को फिर पलायन करना पड़ा। चारधाम की यात्रा कितनी बार बाधित हुई, इसका हिसाब नहीं है। क्‍या पहाड़ों के विकास मॉडल पर अब भी बात नहीं होगी?