Environmental Violations

वेदांता के खिलाफ अब कालाहांडी में खुल रहा है मोर्चा, लेकिन अबकी सामने अदाणी भी है…

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नियमगिरि आंदोलन की कामयाबी के बाद माना गया था कि पूर्वी तट के आदिवासियों के पहाड़ खनन से बच जाएंगे। आज दस साल बाद ठीक उलटा हो रहा है। वेदांता को तो बॉक्‍साइट खदान मिली ही है, अदाणी भी दो खदानों के साथ मैदान में है। संघर्ष का नया मोर्चा खुल रहा है कालाहांडी जिले के सिजिमाली और खंडुआलमाली में, जो देश का सबसे गरीब इलाका है। पिछले हफ्ते हुई दो जनसुनवाइयों में आदिवासियों ने कंपनी का जैसा प्रतिरोध किया है वह प्रेरक है, लेकिन यह लड़ाई तिहरी है और चुनाव पास हैं। अभिषेक श्रीवास्‍तव की लंबी रिपोर्ट

कोरोना की आड़ में फिर से जागा रद्द कचरा संयंत्र, इंसानी त्रासदी के मुहाने पर भोजपुर

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दस साल पहले बिहार में शुरू हुआ एक कचरा संयंत्र जनता के आंदोलन और प्रदूषण बोर्ड की नामंजूरी के कारण बंद हो चुका था। लोगों ने चैन की सांस ली ही थी कि कोविड में चुपके से इस पर दोबारा काम शुरू हो गया। आज जनता फिर से आक्रोशित है। कोईलवर प्रखंड के जमालपुर गांव से होकर आई पीयूसीएल की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट 23 जुलाई को जारी की है। इस रिपोर्ट के प्रमुख अंश