Police State

Kalahandi Police and Vedanta

सिजिमाली से आगे: पूर्वी घाटों में वेदांता-अदाणी की घेराबंदी के बीच आदिवासियों का संघर्ष जारी

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मार्च के अंत में हमने ओडिशा के माली पर्वतों पर बॉक्‍साइट खनन और उसके खिलाफ चल रहे आदिवासियों के संघर्ष का हाल दिया था, तब तक यह ख़बर राष्‍ट्रीय सुर्खियों में नहीं आई थी। ठीक हफ्ते भर बाद 6-7 अप्रैल की दरमियानी रात कंटामाल गांव में जो पुलिसिया कहर बरपा, उसने अदाणी, वेदांता और ओडिशा की सरकार के बीच मुनाफे के गठजोड़ को अचानक खोल दिया। चौतरफा प्रदर्शन हुए और अब तक घने जंगलों में छुपे रायगड़ा और कालाहांडी के भीतर चल रही कॉरपोरेट साजिशें दुनिया के सामने खुल गईं। अप्रैल से लेकर अब तक उस इलाके में चले घटनाक्रम पर सिद्धार्थ कार और रंजना पाढ़ी द्वारा भेजा फॉलो-अप

Emperor's mask has fallen, representative image made by AI

मुखौटा गिर चुका है: शासक की निजी डिजिटल जागीर बनते जा रहे देश और नागरिक के सवाल पर

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दुनिया की राजनीति और आर्थिकी आपस में मिलकर कैसे आधुनिक राज्‍य के चरित्र को बदल रही है; सम्‍प्रभु लोकतांत्रिक राष्‍ट्रों के भीतर चुनी हुई सरकार और नागरिक के बीच का रिश्‍ता कैसे विकृत हो रहा है; और अपनी अंतर्वस्‍तु व स्‍वरूप में हर लोकशाही कैसे राजशाही की ओर बढ़ रही है; इन विषयों पर दुनिया भर में कोरोना के बाद से बहुत चर्चा हुई है। भारत अपवाद है। यहां राज्‍य-सम्‍बंधी विमर्श नदारद दिखता है जबकि पांचसाला चुनाव ही विमर्शों के केंद्र में रहता है। फॉलो-अप स्‍टोरीज़ के संरक्षक रहे दिवंगत शिक्षाविद् अनिल चौधरी राज्‍य, सरकार, कानून और समाज की जटिल गुत्‍थी पर लगातार बोलते थे। उनके 76वें जन्‍मदिवस पर दिल्‍ली में आयोजित सम्मिलन इसी विषय पर परिचर्चा का बायस बना। सम्मिलन में प्रस्‍तुत अरुण सिंह का लिखा यह आधारपत्र बदलती हुई दुनिया पर कुछ रोशनी डालता है

Womens March in Sijimali

तिजिमाली: पूरा इलाका बना रणक्षेत्र, एक वक्त खाना खाकर वेदांता के खिलाफ डटे हैं आदिवासी

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अक्‍टूबर, 2023 में हमने पहली बार कालाहांडी के सिजिमाली और खंडुआलमाली गांवों से वेदांता और अदाणी के खिलाफ खुल रहे आंदोलन के एक मोर्चे को यहां रिपोर्ट किया था। ढाई साल के भीतर इलाके में आग लग चुकी है। पूरा इलाका छावनी बना हुआ है। मनमानी गिरफ्तारियां जारी हैं। फर्जी मुकदमे लादे जा रहे हैं और आदिवासियों का घर से निकलना मुहाल हो चुका है। रंजना पाढ़ी और रैन्‍डल सेक्‍वेरा के भेजे अपडेट के आधार पर खनन प्रभावित गांवों के एकदम ताजा हाल पर फॉलो अप

Eknath Shinde, Maharashta CM

महाराष्ट्र का नया कानून और ‘पुलिस राज’ का कसता शिकंजा

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भारत में 1 जुलाई से लागू हुई नई न्‍याय संहिताओं के साथ-साथ महाराष्‍ट्र में एक नया जनसुरक्षा कानून भी आया है। यह कानून उस ‘शहरी नक्‍सल’ के खतरे पर अंकुश के लिए बनाया गया है, जिसके बारे में इस देश का गृह राज्‍यमंत्री संसद में कह चुका है कि गृह मंत्रालय और सरकार की आधिकारिक शब्‍दावली में यह शब्‍द है ही नहीं। ऐसे अनधिकारिक और अपरिभाषित शब्‍दों के नाम पर बनाए जा रहे कानून और की जा रही कार्रवाइयों के मकसद और मंशा पर नजर डाल रहे हैं सुभाष गाताडे