West Bengal

A saffron clad man crossing College Street in Kolkata

पश्चिम बंगाल : जीत-हार से परे, राजनीति की ऑप्टिक्स को कैसे बदल रहा है प्रवासी ‘हिन्दुस्तानी’ वोटर

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पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे और आखिरी चरण का मतदान होना है। वोटिंग कलकत्ते में भी है, जो उत्तर-भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा केंद्र है। इसी वोटबैंक के दम पर भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल की सत्ता में आने का दावा कर रही है। चुनाव के सबसे बड़े सवाल हार-जीत से इतर, असल कहानी यह है कि हिंदी बोलने वाले उत्तर भारत के प्रवासी बंगाल की राजनीति को देखने-समझने के तरीकों को कैसे बुनियादी ढंग से बदल रहे हैं। अमन गुप्‍ता पिछले साल भर से बंगाल जाकर वहां की बदलती हुई जमीन का जायजा लेते रहे हैं। अब भी वे कोलकाता में ही हैं। बंगाल में राजनीतिक धारणा-निर्माण और प्रवासियों के बीच रिश्‍ते पर अमन गुप्‍ता के अनुभवों का निचोड़ बताती उनकी ही कहानी

Gargi Chakraborty

हम दिल्ली में उनकी बाट जोहते रहे, वे कोलकाता से ही कॉमरेड सुमित के पास चली गईं…

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प्रतिष्ठित इतिहासकार, महिला और कम्‍युनिस्‍ट आंदोलन की महत्‍वपूर्ण आवाज डॉ. गार्गी चटर्जी बीते 2 मार्च को नहीं रहीं। उनका 78 वर्ष की उम्र में कोलकाता में निधन हो गया। अभी साल भर भी नहीं हुआ उनके जीवनसाथी सुमित चक्रवर्ती को गुजरे हुए जो साप्‍ताहिक पत्रिका मेनस्‍ट्रीम के संपादक हुआ करते थे और देश के बौद्धिक समाज के भीतर बचे-खुचे चुनिंदा नैतिक स्‍वरों में एक थे। सुमित चक्रवर्ती और गार्गी चक्रवर्ती के साथ अपनी मुलाकातों, संस्‍मरणों और प्रसंगों पर श्रद्धांजलि-स्‍वरूप विनीत तिवारी की टिप्‍पणी

BJP Office in Durgapur set on fire by TMC members

पश्चिम बंगाल: न सांप्रदायिकता हारी है, न विकास जीता है

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पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में चार दलों के होने के बावजूद मतदाताओं के लिए महज भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आर-पार बंट गया लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद अब हिंसक रंग दिखा रहा है। केंद्र में सरकार बन चुकी है, लेकिन मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे ‘अवैध और अलोकतांत्रिक’ करार दिया है। भाजपा फिलहाल चुप है, लेकिन बंगाल में उसकी सीटों में आई गिरावट को सांप्रदायिकता पर जनादेश मानना बड़ी भूल होगी। चुनाव परिणामों के बाद बंगाल के मतदाताओं से बातचीत के आधार पर हिमांशु शेखर झा का फॉलो-अप

Representational picture of left flag between BJP

पश्चिम बंगाल: पुराने गढ़ जादवपुर में राम और अवाम की लड़ाई में भ्रमित वाम

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पश्चिम बंगाल के आखिरी चरण में मतदान कोलकाता और उसके आसपास भद्रलोक के इलाके में पहुंच रहा है। यहां का अभिजात्‍य वाम समर्थक बौद्धिक वर्ग जहां इस बार उदासीन दिखता है, वहीं गांव-कस्‍बों के लोगों के बीच तृणमूल के कल्‍याणकारी लाभों की चर्चा है जबकि भाजपा उसके भ्रष्‍टाचार को मुद्दा बनाए हुए है। जमीन से नित्‍यानंद गायेन की रिपोर्ट

‘महुआ दीदी चुप नहीं बैठेंगी!’ अपनी महिला सांसद के निष्कासन पर गरमा रहा है बंगाल

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महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित किए जाने के बाद समूचा राजनीतिक विपक्ष तो इस कदम का विरोध कर ही रहा है, वहीं समूचे बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन भी जारी है। बंगाल के आम लोग भी इस कदम को भाजपा का राजनीतिक बदला बता रहे हैं। राजधानी कोलकाता से लेकर बंगाल के गांव-कस्‍बों में सार्वजनिक स्थानों पर चल रही सियासी चर्चाओं का हाल बता रहे हैं नित्‍यानंद गायेन

“मेरा दिल टूट गया है, बंगाल का भविष्य अंधकारमय है”: अपर्णा सेन का ममता बनर्जी को खुला पत्र

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कभी ममता बनर्जी के पीछे बंगाल का तकरीबन समूचा बौद्धिक समाज खड़ा हुआ था। महज तीन साल पहले फिल्‍मकार और अभिनेत्री अपर्णा सेन का नाम उन 49 बौद्धिकों में था जिन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक पत्र लिखकर मॉब लिंचिंग जैसी नफरत भरी घटनाओं के लिए सरकार की निंदा की थी। उस समय खुद ममता बनर्जी ने अपर्णा सेन ओर अन्‍य के लिखे का समर्थन किया था। कहानी अब पलट चुकी है।

प. बंगाल: भाजपा की याचिका में अटक गया पंचायत चुनाव परिणाम, ममता के निशाने पर ‘राम, श्याम, वाम’

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पंचायत चुनावों में हिंसा को लेकर अदालत का रुख शुरुआत से ही बहुत सख्त बना हुआ है। चुनाव संपन्न होने के बाद पूरी चुनावी प्रक्रिया में हिंसा और गड़बड़ी को लेकर अदालत में तीन जनहित याचिकाएं दाखिल हुई थीं जिन पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार को चुनाव नतीजे अपने अधीन कर लिए

प. बंगाल: चुनाव नतीजे से पहले शाह से मिले गवर्नर, बोले ‘बसंत दूर नहीं है’!

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सोमवार को दो मौतों की सूचना के साथ, पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव संबंधी हिंसा में हताहतों की कुल संख्या अब तक 38 तक पहुंच गई है।

प. बंगाल: एक दिन चौदह मौतें, TMC के 8874 निर्विरोध प्रत्याशियों के साथ चुनाव सम्पन्न

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जितनी मौतें महीने भर की चुनावी प्रक्रिया में हुई थीं, उतनी ही जानें आज एक दिन के भीतर चली गईं। इस तरह पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव में हिंसा की परंपरा इस बार भी बेरोकटोक जारी रही, जो सीपीएम के जमाने से चली आ रही है।

प. बंगाल: पंद्रह लाशों के ढेर पर लोकतंत्र के पंचवर्षीय नृत्य का सज चुका है मंच

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पश्चिम बंगाल के पंचायत चुनाव के लिए प्रचार गुरुवार, 6 जुलाई की शाम को समाप्त हो गया। मतदान कल होना है। नतीजे 11 जुलाई को घोषित होंगे। कुल मिलाकर अब तक 15 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। हाइकोर्ट ने मतगणना समाप्त होने के बाद 10 दिनों तक केंद्रीय बलों को राज्य में तैनात रखने का निर्देश दिया है।