बंगाल: सौ दिन की सरकार, GenZ की फुहार और दिसंबर का मौन इंतजार
byबंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार को बने सौ दिन पूरे हो गए। वैसे तो इस प्राचीन महादेश में पचास साल में भी कुछ खास नहीं बदलता, पर हर नई सरकार का रिपोर्ट कार्ड जांचने की पुरानी पत्रकारीय रवायत भी है। यहां सरकार भले मई में बदल चुकी थी, लेकिन उसके ठीक बाद हुए जेन ज़ी आंदोलन ने सिर मुंड़ाते ओले पड़ने की कहावत चरितार्थ कर दी। नतीजा- ऊपरी बदलावों को छोड़ दें, तो बंगाल में फिलहाल सब कुछ ठहरा हुआ है या कहें जस का तस है। हर कोई अपने वक्त के इंतजार में एक-दूसरे को ताड़ रहा है। बीते एक साल से बंगाल पर करीबी निगाह रखे अमन गुप्ता की फॉलो-अप रिपोर्ट