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Emperor's mask has fallen, representative image made by AI

मुखौटा गिर चुका है: शासक की निजी डिजिटल जागीर बनते जा रहे देश और नागरिक के सवाल पर

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दुनिया की राजनीति और आर्थिकी आपस में मिलकर कैसे आधुनिक राज्‍य के चरित्र को बदल रही है; सम्‍प्रभु लोकतांत्रिक राष्‍ट्रों के भीतर चुनी हुई सरकार और नागरिक के बीच का रिश्‍ता कैसे विकृत हो रहा है; और अपनी अंतर्वस्‍तु व स्‍वरूप में हर लोकशाही कैसे राजशाही की ओर बढ़ रही है; इन विषयों पर दुनिया भर में कोरोना के बाद से बहुत चर्चा हुई है। भारत अपवाद है। यहां राज्‍य-सम्‍बंधी विमर्श नदारद दिखता है जबकि पांचसाला चुनाव ही विमर्शों के केंद्र में रहता है। फॉलो-अप स्‍टोरीज़ के संरक्षक रहे दिवंगत शिक्षाविद् अनिल चौधरी राज्‍य, सरकार, कानून और समाज की जटिल गुत्‍थी पर लगातार बोलते थे। उनके 76वें जन्‍मदिवस पर दिल्‍ली में आयोजित सम्मिलन इसी विषय पर परिचर्चा का बायस बना। सम्मिलन में प्रस्‍तुत अरुण सिंह का लिखा यह आधारपत्र बदलती हुई दुनिया पर कुछ रोशनी डालता है

God and Rebel

बाग़ी बादशाह ट्रम्प : वही क़ातिल वही मुंसिफ़ अदालत उसकी वो शाहिद…

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पूरी दुनिया के शासक आज की तारीख में राज्‍येतर गिरोहों के सहारे अपना राज कायम किए हुए हैं ताकि वे सुविधाजनक ढंग से अपनी कार्रवाइयों से इनकार कर सकें, लेकिन एक ऐसा शख्‍स है जो अपने गिरोहों से दूरी नहीं कायम रखता- ट्रम्‍प! अमेरिका का राष्‍ट्रपति कानून का रखवाला है लेकिन कानून तोड़ने वाले गिरोहों का सबसे बड़ा सरगना भी; वह सरकार है लेकिन सरकार से निजी हर्जाने की मांग कर रहा मुकदमे में खड़ा वादी भी है। प्रोजेक्‍ट सिंडिकेट के सौजन्‍य से ट्रम्‍प पर ज़ीज़ेक की टिप्‍पणी

Zohran Mamdani

ममदानी की जीत : वामपंथ के लिए कुछ करने और बड़ी तस्वीर पर सोचने का यह वक्त है!

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ट्रम्‍प के राज वाले अमेरिका में उनके मुखर विरोधी और उग्र बदलावकारी राजनीति के नारे देने वाले एक युवा ज़ोहरान ममदानी के न्‍यू यॉर्क शहर का मेयर बन जाने पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। ममदानी की इस उपलब्धि में अमेरिका के ट्रम्‍प समर्थक कामगारों और किसानों के लिए क्‍या कोई राजनीतिक संभावना छुपी है, जो पहले ही सत्ता से हताश चल रहे हैं? ममदानी अगर उस दिशा में कुछ करें, तो उन्‍हें सबसे बड़ा खतरा किससे होगा? प्रोजेक्‍ट सिंडिकेट के सौजन्‍य से ज़ीज़ेक का आकलन

भारत में लोगों के बुनियादी अधिकारों की हालत औसत से भी खराब: HRMI का 2023 राइट्स ट्रैकर

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डेमोक्रेटिक पार्टी के कई सांसदों ने राष्‍ट्रपति बाइडेन से भारत में धार्मिक असहिष्‍णुता, प्रेस की आजादी, इंटरनेट पर प्रतिबंध और नागरिक समाज समूहों को निशाना बनाए जाने के मुद्दे मोदी के साथ बातचीत में उठाने का दबाव बनाया है। ठीक इसी मौके पर एचआरएमआइ आज अपनी मानवाधिकार रिपोर्ट जारी कर रहा है।