पश्चिम बंगाल : जीत-हार से परे, राजनीति की ऑप्टिक्स को कैसे बदल रहा है प्रवासी ‘हिन्दुस्तानी’ वोटर
byपश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे और आखिरी चरण का मतदान होना है। वोटिंग कलकत्ते में भी है, जो उत्तर-भारतीय प्रवासियों का सबसे बड़ा केंद्र है। इसी वोटबैंक के दम पर भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल की सत्ता में आने का दावा कर रही है। चुनाव के सबसे बड़े सवाल हार-जीत से इतर, असल कहानी यह है कि हिंदी बोलने वाले उत्तर भारत के प्रवासी बंगाल की राजनीति को देखने-समझने के तरीकों को कैसे बुनियादी ढंग से बदल रहे हैं। अमन गुप्ता पिछले साल भर से बंगाल जाकर वहां की बदलती हुई जमीन का जायजा लेते रहे हैं। अब भी वे कोलकाता में ही हैं। बंगाल में राजनीतिक धारणा-निर्माण और प्रवासियों के बीच रिश्ते पर अमन गुप्ता के अनुभवों का निचोड़ बताती उनकी ही कहानी