किताबी फासीवाद : अपने वैचारिक वारिसों के लिए बीसवीं सदी के फासिस्टों की नुस्खा-पर्ची कैसी होगी?

MAGA rally US, Courtesy Project Syndicate
MAGA rally US, Courtesy Project Syndicate
जो नाज़ीवादी और फासीवादी ताकतें बीसवीं सदी में चले लोकतांत्रिक संघर्षों में खत्‍म हो गई मानी जा रही थीं, उनका इक्‍कीसवीं सदी में नई शक्‍ल में उभार यह सोचने को विवश करता है कि उनकी योजना क्‍या है और आने वाली दुनिया की सूरत कैसी होगी। प्रोजेक्‍ट सिंडिकेट के सौजन्‍य से प्रसिद्ध अर्थशास्‍त्री यानिस वारूफाकिस की एक कल्‍पना, जिसमें वे गिनवा रहे हैं कि आज के फासिस्‍टों के पूर्वज अगर किसी तिजोरी में कोई नुस्‍खा-पर्ची छोड़ गए रहे हों तो उस पर क्‍या-क्‍या लिखा होगा।

बीसवीं सदी के मध्‍य में जिन फासिस्‍टों के पराजित होने पर हमने सोचा था कि चलो भला हुआ, उनके पास आप कल्‍पना कीजिए कि कोई ऐसी तिजोरी रही हो जिसमें वे फासीवाद को फिर से महान बनाने के संकल्‍प में अपने रूहानी वारिसों के लिए कोई वैचारिक खाका या योजना छोड़ गए हों? अगर ऐसा कुछ रहा होगा, तो उसमें लिखा क्‍या होगा?

अव्‍वल तो, उस योजना की शुरुआत वामपंथ की नकल करने की रणनीति से हुई होगी। उसमें सुझाया गया होगा कि अपना सबसे पहला निशाना क्रोनी यानी याराना पूंजीवाद को बनाओ। भ्रष्ट वित्तीय क्षेत्र और उसे समर्थन देने वाले केंद्रीय बैंकों की भूमिका के खिलाफ वामपंथियों के तर्कों की नकल करो। फिर उसी कुलीन तंत्र यानी “एकदलीय” व्यवस्था के दो गुटों पर निर्भर चुनावी प्रणाली की आलोचना करो।

उसके बाद, बड़े कारोबारियों की सेवा में लगे हुए राज्य को निशाना बनाओ। इसके साथ तुम नवउदारवाद का मंत्र जपते रहो और खुद को मार्गरेट थैचर और रोनाल्ड रीगन दोनों से ज्‍यादा बड़ा नवउदारवादी पेश करो। सरकारी कर्मचारियों को ऐसे आलसी और मुफ्तखोर कहो जो मजदूर वर्ग का शोषण करते हैं। ऐसा कर के तुम सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के मजदूरों के बीच दरार पैदा करो।

जो लोग अब भी थैचर या रीगन को स्नेह से याद करते हों, नवउदारवाद के तमाम पीड़ितों को उनके साथ एकजुट करो ताकि आगे एक आंदोलन खड़ा किया जा सके। इन सभी को नवउदारवादी मध्यमार्गियों के खिलाफ खड़ा करने के लिए उन लोगों को मार्क्‍सवादी के रूप में दिखाओ जो वामपंथ से लड़कर और उसे निष्प्रभावी बनाकर राजनीतिक रूप से परिपक्व हुए थे- जैसे पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन जैसे नेता तथा उनके द्वारा दोबारा गढ़ी गईं राजनीतिक पार्टियां। फिर, इस गठबंधन को मजबूत करने के लिए किसी काल्पनिक सुनहरे युग में वापसी का वादा करो। एक ऐसे राष्ट्रीय पुनर्जागरण के बारे में भावुक स्‍वर में बात करो जिसके लिए पतनशील बुर्जुआ और विश्वासघाती वामपंथ दोनों को हराना आवश्यक है।

सबसे बड़ी सीख, नस्ली शुद्धता पर आधारित गिरोहों की ताकत को कभी भी कम कर के मत आंकना। बेशक, कोई भी “शुद्ध” नहीं है। हम सभी मिश्रित नस्ल के हैं, लेकिन लोगों के उत्साह को उन्माद में तभी बदला जा सकता है जब आप उनके शहरों को खतरनाक विदेशी प्रभावों से भरा हुआ दिखाएं (इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वर्मिन यानी “कीट” शब्द का उपयोग करना पसंद करते हैं) और उनके समुदायों में वायरस की तरह फैलने वाली अशुद्धियों को दूर करने का आप वादा करें। 

निशाना बनाए जाने वाले “अशुद्ध” लोग यहूदी, मुसलमान, ट्रांसजेंडर, कुछ भी हो सकते हैं, जिन्‍हें कम कीमत पर आसानी से कलंकित किया जा सके। इसके लिए यह जरूरी है कि आप समाज के वंचितों के मन में एक नैतिक किस्‍म की दहशत भर दो कि उनसे भी ज्‍यादा गिरे हुए लोग उनकी जगह ले रहे हैं। जब इतना हो जाए, तभी आप उन्हें “फिर से महान” बनाने का वादा करो।

जैसे-जैसे आपका नया फासीवादी गठबंधन आकार लेने लगे, उसमें स्‍त्री-द्वेष का जहर घोलना शुरू करो और उसे इस वादे के साथ जीवंत कर दो कि इस देश को दुरुस्‍त और व्‍यवस्थित करने के लिए एक महान नेता – यानी एक बुद्धिमान बाप- की जरूरत है। ऐसा करते समय यह इशारा करना न भूलना कि गोरे (उच्‍च नस्‍ल के) पुरुष वर्तमान में अपने घर को व्यवस्थित कर पाने में असमर्थ हो चुके हैं, पर ऐसा कहते वक्‍त इस अव्‍यवस्‍था के वास्तविक कारणों (जैसे कानूनी कड़ाई, कर्ज में डूबे आवास क्षेत्र, और सार्वजनिक शिक्षा व स्वास्थ्य में भारी कटौती) का कभी भी  उल्लेख न करना। इसके बजाय, बड़ी सावधानी से इन सब का दोष चालू नारीवाद पर मढ़ देना।

इसके आगे, लोगों से एक सरल सामाजिक अनुबंध की पेशकश करनी है: कि हम तुम्‍हारी देखभाल करेंगे, हम तुम्‍हें फिर से गौरवान्वित करेंगे। इसके बदले में तुम्‍हें हमको बेशर्त ताकत देनी होगी ताकि उदारवादी राज्य की अड़चनों से मुक्त होकर हम इस राष्ट्र के शरीर का शुद्धीकरण कर सकें, एक सुहावने अतीत में पहुँच सकें, और तुम लोगों की शक्ति व श्रेष्ठता की भावना को पुर्नस्‍थापित कर सकें।

ऐसा कहते हुए यह जरूर बताना कि लोगों के सामने यह जो संकट है, ये कोई एकबारगी या क्षणिक नहीं है। उन्‍हें यह बताओ कि पूरा देश फिलहाल एक युद्धरत बटालियन की भूमिका में है जहां नाफरमानी और विरोध नाम की चीजें सबके अस्तित्व के लिए खतरे की तरह हैं। घोषणा करो तुम्‍हारा चलाया आंदोलन दरअसल समाज को सैन्यीकृत करने की एक अनंत प्रक्रिया की योजना बना रहा है, और इस घोषणा के बहाने तत्‍काल एक विशाल रक्षा बजट की वकालत कर दो।

इन सब के साथ, किसी वैश्विक सरकार के प्रति वामपंथी-उदारवादी षडयंत्रकारी समूहों की रूमानियत को पूरी तरह खारिज करना है। लोगों को संकेत देना कि तुम्‍हारा विश्‍वास भी निषेध और बचाव में ही है, लेकिन उसका आशय यह भी निकलना चाहिए कि तुम्‍हारी सेना बाहरी खतरों से निपटने में जितना माहिर है उतना ही वह घरेलू “आतंकवादियों” से भी देश की रक्षा करने में निपुण होगी।

सरकार में शामिल होने या उसका नेतृत्व करने के लिए इस तथ्य का फायदा उठाना कि रूढ़िवादियों और मध्यमार्गियों को सबसे ज्‍यादा डर वामपंथियों का है। अपनी नाज़ी विरासत को छुपाने और खुद को ज्‍यादा स्वीकार्य बनाने के लिए पहले यहूदियों (अशुद्धों) द्वारा की गई अतियों को उभारना। फिर अतिवादी यहूदियों के साथ गठबंधन कर लेना। उनके इस भ्रम का फायदा उठाना कि लोकप्रिय समर्थन की होड़ में वे अपने नरम फासीवाद से तुमको हरा सकते हैं। एक बार जब उन्हें तुम्‍हारे गठजोड़ से सुरक्षित महसूस होने लगे तब उन्हें परे धकेल देना, सत्ता पर पूरी तरह से कब्‍जा जमा लेा और उन्हें उन्‍हीं यातना शिविरों में डाल देना (शायद थोड़ा बेहतर कोठरियों में) जिसमें वे वामपंथी पड़े हैं जिनसे उन्‍हें डर लगता था।

सत्ता में आने के बाद तुम्‍हें सबसे पहले सभी प्रवासियों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए (इसमें नस्‍ली भेद वाले नाकाम देशों से आने वाले श्वेत वर्चस्ववादी शामिल नहीं होंगे)। जब तुम सबसे अशुद्ध और हाशिये पर पड़े लोगों का शिकार करने का वादा करो, तो यह दिखाने के लिए कि तुम मजाक नहीं कर रहे यह घोषणा कर देना कि लिंग केवल दो ही तरह के होते हैं। फिर प्रेटोरियन गार्ड की तर्ज पर नकाबपोश पुरुषों का एक दस्‍ता बनाना है जो लोगों को सड़कों से उठाकर घरेलू यातना शिविरों के साथ-साथ आभासी कॉलोनियों या कब्जे वाले क्षेत्रों में ले जाए। अपनी निर्बाध शक्ति का प्रचार करने के लिए प्रमुख शहरों में उड़ाका दल भिजवाओ जिनका काम केवल गोली चलाना और आतंक फैलाना हो।

परदे के पीछे तुम्‍हें उन वित्तीय और तकनीकी कुलीनों के साथ गठजोड़ करना है जिन्हें विपक्ष में रहते हुए तुम फटकारा करते थे। फिर एक बड़े प्रौद्योगिकी कारोबारी और उसके चेलों की भर्ती सरकारी कार्यालयों में कर दो ताकि वे ग्लीखशाल्टुंग (Gleichschaltung) की नकल कर सकें, जो सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों को निकालने की नाज़ी नीति थी। अपने ऐसे चापलूसों को सरकार के भीतर स्थापित कर दो जो नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को चुराकर भविष्य में निगरानी और नियंत्रण के लिए उसका उपयोग कर सकें। अपने अपराधी सहयोगियों को माफ कर देना, विश्वविद्यालयों पर हमले करना, सांस्कृतिक केंद्रों पर कब्‍जा करना, और खुद से असहमत होने वालों पर मुकदमा चलाने के लिए अदालतों का इस्‍तेमाल करना।

सबसे अहम बात, उस घड़ी के लिए हमेशा तैयार रहना जब तुम्‍हारा जनाधार यह देखकर बेचैन हो उठेगा कि उसका खयाल रखने के तुम्‍हारे किए तमाम वादे हवा हो चुके हैं जबकि सारा धन उसी शासक वर्ग के पास पहुंच कर सिमट गया है जिस पर लगाम लगाना तुम्‍हारा काम था। ऐसे में तुम्‍हें “फ्लड द जोन” वाली रणनीति के भू-राजनीतिक संस्करण का सहारा लेना होगा- यानी, बहुपक्षीय संगठनों से बाहर निकल जाओ; संधियों को रद्द कर दो; अंतरराष्ट्रीय कानून के बचे-खुचे अवशेषों को तबाह कर डालो! अपने सत्ता-परिवर्तन के लिए चले युद्धों को साम्राज्यवादी कब्‍जे का नाम दे दो और असीमित शक्ति के घिनौने प्रदर्शन में लिप्त हो जाओ। सबसे जरूरी बात- लगातार तनावों को बढ़ाते रहो।

और अगर यह सब भी ध्वस्त हो जाए, तो कम से कम इतना सुनिश्चित कर दो कि फासिस्‍टों की अगली पीढ़ी के लिए तुम एक अद्यतन योजना का खाका छोड़कर जाओगे क्‍योंकि आखिरकार जब तक कुछ लोगों की धन-संपदा तमाम और लोगों की गरीबी पर निर्भर रहेगी, तब तक तो इस दुनिया में फासीवाद हमेशा आवश्यक रहेगा ही।


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